मुन्ना अब मतदान करेगा
*****
छोड़ पलायन का स्वभाव वह
पिता, पितामह का।
मुन्ना अब मतदान करेगा
हुआ अठारह का।
नहीं किसी उत्सव से कम यह
अवसर आया है।
उसके लिए सैकड़ों आशा
सपने लाया है।
घूम रहा उत्साहित होकर वह चहका-चहका।
मुन्ना भी मतदान करेगा हुआ अठारह का।
उसने तय कर लिया परख कर-
वोट किसे देना।
यद्यपि प्रत्याशी सब आए
ले अपनी सेना।
मिले प्रलोभन, वादे लाखों नहीं मगर वहका।
मुन्ना भी मतदान करेगा हुआ अठारह का।
बूझ रहा वह, कौन जीत कर
जन-सेवा देगा
कौन जीत कर केवल अपनी
कोठी भर लेगा।
और कौन मन बना रहा है नौ दो ग्यारह का।
मुन्ना भी मतदान करेगा हुआ अठारह का।
मुनिया भी तो इसी बरस अब
हुई अठारह की।
मतदाता सूची से जुड़कर
वह भी तो चहकी।
यह उपकार नहीं,और न ही काम अनुग्रह का।
मुन्ना भी मतदान करेगा हुआ अठारह का।
#राजेंद्र श्रीवास्तव #